Happy Holi Poems in Hindi and English

By | March 9, 2016

Holi Poems in Hindi

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Holi Poems

Holi Poems

Happy holi Poems In Hindi

  • संत के बाद फाग,
    सबके ही अहोभाग्,
    छेड़ो कुछ प्रेम राग,
    प्रेम रितु आई है,
    होली के रंग में.
  • Kyo mo pe rang ki maari pichkaari,
    Dekho Kunwarji doongi mein gaari,
    Bhag sakoon mein kaise mo san bhaga nahin jaat,
    Thadi ab dekhoon aur ko sanmuch mein aat,
    Bahut dinan mein haath lage ho kaise jane doon,
    Aaj phagwa to san ka tha peeth pakad kar loon.

Small Happy holi Poems In Hindi

  • होली आई , खुशियाँ लाई
    खेले राधा सँग कन्हाई (Source – SULEKHA)
  • हर रंग की अपनी बात अपनी सुंदरता है
    सभी की अपनी अपनी भाषा होती है
    जल नीला है नीला नीला आसमान है
    दोनों ही का रंग शीतलता समान है
    नारंगी है रंग सुंदर उगते सूरज का
    इसी लिए है रंग यह नई ऊर्जा का
    सफ़ेद रंग है जैसे प्रतीक शान्ति का
    इसे देख के एहसास होता है सुकून का
    हरे पेड़ हैं हरे खेत हैं हरे हैं पौधे सारे
    हरे रंग से मौसम हो जाते हरियारे
    लाल रंग उग्र है यह वीरता का प्रतीक
    इसे देख के मन हो जाता है निर्भीक
    काले रंग से याद आती है रात्रि की
    इसमें लेकिन बात भी है गहराई की
    शानों शौक़त का रंग होता है बैंगनी
    राजसी शाही ठाठ बाट का धनी
    सरसों और ख़ुशी का है रंग पीला
    इसे देख के मन हो जाता है सजीला (Source – Poemocean)
  • प्रेम के रन्ग मे सब रन्ग डाले
    नफरत नही कोई मन मे पाले

Poems on Holi Festival

  • Gulzar khile hon pariyon ke
    Aur majlis ki tyari ho
    Kapdon par rang ke cheeton se
    Khushrang ajab gulkari ho (Source – HOLIFESTIVAL)
  • होली खेलि री गुजरिया डालूं में रंग या ही ठांव री।।
    गोकुल कूं तू छोडि कंस के घर काहे कूं जावै
    लौटि कंस की नगरी ते तू काली पीली आवै
    तेरी फोडूंगो गगरिया, डालूँ मैं रंग या ही ठाँव री।।
    होली खेलि री गुजरिया डालूं में रंग या ही ठांव री।।
    मलूँ गुलाल अबीर मोहिनी मानि हमारा कहना
    कोधी कामी क्रूर कंस के मति गुमान में रहना
    लेलूं बाऊ की खबरिया, डालूँ मैं रंग या ही ठाँव री।।
    होली खेलि री गुजरिया डालूं में रंग या ही ठांव री।।ओ मृगनैनी गूँथे बैनी चली कहाँ सिंगार किये
    कंचन काया वारी प्यारी मतवारी मदहोश हिये
    तेरी रोकि कें डगरिया डालूं मैं रंग या ही ठांव री।।
    होली खेलि री गुजरिया डालूं में रंग या ही ठांव री।
    मधुवन में मन लगै न तैरो भावै कंस नगरिया
    रामचरन इतराय रही तू काहे बोल गुजरिया
    लेले हाथ पिचकरिया, डालूँ मैं रंग या ही ठाँव री।
    होली खेलि री गुजरिया डालूं में रंग या ही ठांव री। (Source – Poemocean)

Holi Poems in English

  • Gulal – red, green, yellow and countless.
    A day’s canvas – a riot of colors.
    Lively crowd running hither and thither,
    Rainbow of colors, dashing from every nook and corner.
    Disregarding their woe and despair fervent folks,
    rejoicing at the marvel of colors.
    A day filled with luster and gaiety,
    A day to smear our dreams-
    With a splash of vibrant frenzy colors.
    Holi Hai Holi Hai! A spring of unbounded fun and frolic. (Source – HOLIFESTIVAL)

Small Happy holi Poems In English

  • The trees smile with their sprout
    of tender leaves and blooming flowers,
    Eternal nature with its transient expression.
    Hails spring with ecstasy and joy!
    Bewildering shades with so many tinge.
    The land of beauty and greatness,
    India, witnessing color of happiness and peace.
    Nation come alive to enjoy the spirit
    A celebration of color- Holi!
    An experience of content, harmony and delight. (Source – HOLIFESTIVAL)